Jyotish क्या है?

Jyotish क्या है?

प्राचीन काल से ही Jyotish विधाओं का प्रचलन है क्योंकि इस विधा के द्वारा ग्रह नक्षत्र और राशि के आधार पर किसी भी जातक के जीवन से जुड़ी बातों को निष्कर्ष के तौर पर निकाला जाता है ग्रह नक्षत्र और राशियों का गुणनफल ही Jyotish कहलाता है।
Jyotish क्या है?

इन विधाओं को समझने के लिए बहुत ज्यादा ज्ञान की जरूरत होती है और इस विधा को वह इंसान समझ सकता है जो इस क्षेत्र में लगाव रखता है लगाव रखने वाला व्यक्ति ब्रह्मांड में व्याप्त सभी ग्रहों नक्षत्रों के बारे में अच्छी जानकारी हासिल कर और राशियों का तालमेल जानकारी इसको समझ सकता है।

Jyotish क्या है?

जब किसी जातक के भविष्य के बारे में जानने की बात आती है तो ज्योतिष एक प्राचीन विधा है इसका वर्णन सबसे पहले किया जाता है इसके जरिए ग्रह नक्षत्र का गुणनफल निकालकर उस व्यक्ति विशेष की कुंडली तैयार की जाती है और इस कुंडली में विद्यमान लग्नेश और इनके साथ के 12 घर के भाव को देखते हुए उस व्यक्ति विशेष का भविष्य सुनिश्चित किया जाता है इसके लिए ज्योतिषी विद्वान, इस कार्य क्षेत्र के लिए बने हुए हैं।

Jyotish क्या है?

Jyotish को समझने के लिए इस को दो भाग में बांटा गया है:-

[1] अंक ज्योतिष:


इस प्रकार के ज्योतिष में अंक दिन पुष्प फल इत्यादि का नाम जातक के द्वारा पूछ कर इस ज्योतिष का आकलन किया जाता है और खासतौर पर अंको की गुणनफल के द्वारा ज्ञान होने के कारण इससे अंक ज्योतिष का नाम दिया गया है और इस विद्या के द्वारा बड़े आसानी से ज्योतिषी उस जातक का भविष्य की जानकारियां देते हैं।

[2] फलित ज्योतिष:

फलित ज्योतिष वह विद्या है जिसके द्वारा jyotish ज्ञानी जातक के जन्म का समय जन्म का स्थान और जन्म की तारीख को पूछ कर एक जन्म कुंडली प्यार करते हैं और उन जन्मकुंडली में राशि और भाव के आधार पर उस व्यक्ति के व्यक्तित्व जीवन की कहानियों के बारे में बताते हैं कि उसके जीवन में क्या-क्या घटनाएं घटित होने वाली इस प्रकार की ज्योतिष फलित ज्योतिष कहलाती है और अक्सर इसी प्रकार की ज्योतिष का प्रयोग होता है दूसरे शब्दों में कहा जाए तो फलित ज्योतिष का प्रयोग लगभग 80% से ऊपर होता है।

जब भी आप किसी ज्योतिष या पंडित से अपने भविष्य के बारे में पूछते हैं तो वह आपकी जन्म पत्रिका सबसे पहले मांगता है और आपके जन्म पत्रिका ना होने की दशा में वह आपकी जन्म पत्रिका तैयार करने के बाद ही भविष्यवाणी करता है क्योंकि सी के आधार पर व्यक्ति विशेष के जीवन के बारे में बताया जा सकता है।

किसी भी जातक के भविष्य को जानने की और भी विधाएं हैं जिनमें टैरो कार्ड भी काफी महत्वपूर्ण है लेकिन अधिकतर इस धरती के वासी के जीवन काल के बारे में जन्म कुंडली के आधार पर ही बताया जाता है जिससे हम सामान्य भाषा में पत्रिका भी कहते हैं इसी पत्रिका के द्वारा जोशी उस व्यक्ति के धन कुटुंब कैरियर विद्या संतान दांपत्य जीवन बिजनेस आदि के बारे में बताता है जन्म कुंडली में विद्यमान 12 राशियां 12 घरों में होती हैं जिनमें 9 घरों में नवग्रह होते हैं अब यह ग्रह किस अक्षर में हैं और किस ग्रह के साथ ही तय है यही ज्योति देख कर के उसका गुणनफल करते हैं और उन ग्रहों के अभाव के आधार पर हे वह जानकारी प्रदान करते हैं।



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