Kundali ग्रह क्या होते हैं?

Kundali ग्रह क्या होते हैं?

Kundali एक आकृति की बात होती है जो चौकोर होती है जिसमें 12 खाने बने होते हैं और इन्हीं खानों के बीच में 12 राशियां विराजमान होती हैं जोकि एक एक घर में अपना स्थान बना रहती हैं और इन्हीं घरों के बीच में नक्षत्रों के आधार पर स्थान स्थान पर ग्रह स्थित होते हैं।
Kundali ग्रह क्या होते हैं?


सौरमंडल में विभिन्न प्रकार के ग्रह विराजमान होते हैं जिनकी संख्या 9 बताई जाती है और यही ग्रह नक्षत्रों के आधार पर कुंडली में भी दर्शाया जाता है जिनके आधार पर कुंडली के द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व को उसके कार्यक्षेत्र को उसके मन मस्तिक व्यापार संतान विद्या आदि सुख को बड़े ही आसानी के साथ देखा जाता है।
 बता दें की ज्योतिष के द्वारा ही कुंडली का निर्माण होता है और इन्हीं कुंडली के आधार पर किसी भी जातक के भविष्य के बारे में बताया जाता है लेकिन इसके बारे में बताने के लिए इन ग्रहण में छात्रों और राशियों का गुणनफल निकालना होता है जो कि उनके स्वरूप के आधार पर बताया जाता है।


Kundali के ग्रह का प्रकार क्या है?

कुंडली में जो ग्रह विद्यमान होते हैं वह ग्रह सौर मंडल के ग्रह की अनुरूप तैयार किए जाते हैं क्योंकि जब ब्रह्मांड में ग्रहों की चाल नक्षत्रों के आधार पर बदलती रहती है ठीक उसी प्रकार कुंडली के ग्रहों की चाल बदलती रहती है और वह कुंडली की एक घर से दूसरे घर में जाते रहते हैं ।

ग्रहों का कुंडली के किसी घर में रहना एक निश्चित समय तक होता है और हर एक घर का अलग अलग समय है और वो इतने समय तक ही कुंडली की उस घर में रह सकते हैं उसके बाद उनके स्थान में परिवर्तन हो जाता है और वह दूसरे घर में चले जाते हैं कुंडली में आप सूर्य मंगल बुद्ध गुरु शुक्र शनि राहु केतु चंद्रमा ही ग्रह के रूप में होते हैं और यह चलित होते हैं इनमें राहु और केतु की चाल अन्य ग्रहों की चाल की अपेक्षा विपरीत दिशा में होती है।
Kundali ग्रह क्या होते हैं?
Kundali ग्रह क्या होते हैं?


ज्योतिष के अनुसार कुंडली के विराजमान ग्रह दो प्रकार के होते हैं एक उच्च ग्रह और एक नीच ग्रह इस प्रकार के ग्रह अक्षय ग्रहों के साथ युद्ध होगा क्या अच्छा प्रभाव देते हैं और नीच ग्रह के साथ युद्ध हो करके निस्ता वाला प्रभाव देते हैं यह जिस घर में विराजमान होते हैं उस घर को पूरी तरह से प्रभावशाली बना देते हैं।

सूर्य ग्रह अपने आप में एक चमकने वाला ग्रह है जो कि लोगों को बहुत सारा रोशनी प्रदान करता है ठीक उसी प्रकार से यह जिस भाव में बैठ जाता है उसमें यह रोशनी देने का कार्य करता है और उस घर को चमका देता है बस देखना यह होता है कि यह किसी ऐसे नीच ग्रह के साथ तो नहीं विराजमान है जिसकी वजह से इसका प्रभाव सामान्य नीच अवस्था में आ जाए यह देखना बहुत जरूरी होता है।

इसके बारे में भी जाने :
                        कालसर्प दोष क्या है और इसका उपाय क्या करे ?
                        ज्योतिष क्या है और इससे क्या जान सकते हैं ?
                        पितृदोष और उसके उपाय क्या है ?  

चंद्र ग्रह जिस घर में बैठता है उस घर में पढ़ने वाली राशि ही जातक की जन्म राशि मानी जाती है और जिस प्रकार चंद्रमा रात्रि में निकलता है शीतल होता है ठीक उसी प्रकार से हैं यह शीतल होता है और अच्छे ग्रहों के साथ अच्छा प्रभाव और बुरे ग्रहों के प्रभाव से सामान्य हो जाता है।

लाल किताब की माने तो मंगल जिस घर में बैठता है वैसे उस घर को मंगल कर देना चाहिए लेकिन उसमें यह अपना विपरीत असर छोड़ता है और अपने दृष्टिगत घर सातवें को भी प्रभावित करता है।

बुध एक सामान्य ग्रह होता है जिसे धन का कारक माना जाता है अगर यह अच्छी ग्रहों से युत होता है तो जातक के जीवन में धन को लेकर के कभी कमी नहीं होती और यदि अगर यह कुंडली के द्वितीय घर में सूर्य के साथ विराजमान हो जाए इसका प्रभाव बहुत अच्छा होता है या फिर यह दृष्टिगत भी हो तो भी इसका प्रभाव अच्छा होता है।

कहां जाता है कि बृहस्पति जिस घर में बैठता है उस घर में इसका गंभीर असर होता है और उस घर को बिगाड़ देता है लेकिन जिस घर से दृष्टिगत होता है उस घर को बना देता है इसका प्रभाव डिस्ट्रिक्ट भाव से बहुत अच्छा होता है|
Kundali ग्रह क्या होते हैं?

शुक्र एक सामान्य ग्रह होता है जोकि हमेशा सामान्य प्रभाव या फिर नीचता का प्रभाव दिखाएं करता है उसका कार्य अपने आसपास के रहने वाले ग्रहों को बिगाड़ ना होता इस प्रकार के ग्रह से जातक मत भ्रम हो जाता है।

शनि ग्रह के बारे में ऐसा बताया जा रहा है कि शनि जिस जातक के ऊपर खुश हो जाते हैं उसे राजा बना देते हैं और जिस जातक से नाराज होते हैं उसे रंक बना देते हैं, फकीर बना देते हैं। जब शनि अपने घर में होता है और किसी सुबह से दृष्टिगत हो या फिर यह तो हो तो इसका प्रभाव बहुत ही लाभकारी होता और यही प्रक्रिया अगर उल्टी हो जाए तो उसका प्रभाव बहुत कष्टकारी भी होता है।

राहु अपने आप में बहुत ही क्रूर होता है जो किस जाति के जिस घर में बढ़ता है उसको बिगाड़ देता है क्योंकि यह जातक के अंदर उद्दंडता पैदा करता है मनमानी पैदा कर देता है जातक अपने आप से कोई कार्य नहीं कर सकता राहु के होने पर वह घर सत्य के मार्ग पर नहीं रहता है राहु को अगर कैरियर भाव से देखा जाए तो राहु के होने पर व्यक्ति दो नंबर के पैसे से ही धनी व्यक्ति बनता है मेहनत करके वह कभी सफल नहीं हो सकता लेकिन ऐसे व्यक्ति के जीवन में जेल यात्रा का योग बना होता है।




0 Response to "Kundali ग्रह क्या होते हैं?"

टिप्पणी पोस्ट करें

I have publish after wait some time