जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ?

जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ?

ज्योतिष विद्या ,जिसे एस्ट्रोलॉजी के नाम से जाना जाता है | इसके द्वारा जातक के कुंडली का निर्माण होता है अब कुंडली बनी है तो कही ना कही कोई दोष कुंडली के ऊपर जरूर होता है,इनमे मांगलिक दोष कुण्डली के बैवाहिक और सुखेस को बहुत प्रभावी करता है |  

आप सभी जातक यह जान ले कि कुंडली में होने वाला मंगल दोष ही मांगलिक दोष कहलाता है | और मांगलिक दोष होने से जीवन में तरह तरह की समस्याएं जन्म लेती हैअब यह समस्याएं किस प्रकार कि हो सकती है यह जातक की जन्म पत्रिका के भाव पर निर्भर करता है |


जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ?
जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ? 



 जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ? 

जन्म कुंडली में मांगलिक दोष सबसे अलग होता है वो जाना कैसे जाता है इसके बारे में सबसे पहले हम जान लेते हैं जब किसी जातक की पत्रिका यानि कुंडली तैयार की जाती है तब उसके मौजूद 12 भाव को देखा जाता है कुंडली के इन्ही किसी न किसी घर मैया भाव में मंगल गृह भी बिराजमान होता है अब यह देखना बहुत जरूरी होता है की मंगल किस घर में जाकर बैठा है मंगल दोष को देखने के लिए यह सुनिश्चित कर  मंगल कही 1,4,7 ,8 ,12  भाव या घर में यदि मंगल बैठा है तो कुंडली मांगलिक दोष वाली मानी जाती है | 

इन भावो में मंगल के बैठ जाने पर वह जातक मांगलिक दोष का शिकार हो जाता है पर अब बात यह आती है की जब 1,4,7 ,8 ,12  भाव या घर में मंगल होता है तो ऐसे तो बहुत सारे जातक की कुंडली मांगलिक दोष वाली  होती है हाँ यह सत्य है कि इस धरती पर मौजूद सभी प्राणी की पत्रिका अगर देखि जाये तो लगभग 10 पत्रिका में 3 पत्रिका मंगल दोष युक्त पायी जाती है अतः आपको इससे डरने की जरूरत नहीं है | 

कुंडली में कही कही पर यही मंगल दोष इंसान को सर्वोच्च शिखर पर भी पहुंचा देता है अब पत्रिका में ज्योतिष से यहाँ दिखवा लेना जरूरी है की क्या आपका मंगल भी आपको फायदा दे रहा है की नहीं |  

मांगलिक दोष का प्रभाव क्या है ? 

मांगलिक दोष का अपना एक प्रभाव है जैसे की लोग डरते हैं कि किसी इंसान के मांगलिक होने पर उसकी शादी में दिक्कत होती है और यदि उसकी शादी किसी बगैर मांगलिक के साथ होती है तो उसके जीवन में परेशानिया बानी रहती है ,इस प्रकार से लोगो के द्वारा बताया लेकिन ज्योतिष विद्वान के दवारा िसकोअगर समझा जाये या ज्योतिष की भाषा में कहा जाये तो इनका अलग अलग घर में अपना अलग प्रभाव है | 

  • कुंडली में यदि मंगल प्रथम घर यानि लग्नेष में है तो कुंडली मांगलिक दोष युक्त मानी जाती है अब यह देखना जरूरी है कि आपका मंगल नीच का तो नहीं है यदि है तो उसके साथ कोई अचे गृह उसका साथ देरहे हैं कि नहीं यदि नहीं तो ऐसे जातक अपने दाम्पत्य जीवन का सारा सुख खो देने वाले होते है जैसे तैसेअगर उनकी शादी हो जाती है तो पत्नी को योनि सम्बन्धी बीमारी होती है | 
  • कुंडली में यदि मंगल चौथे घर में है तब भी जातक की कुंडली मांगलिक दोष युक्त होती है ऐसे में मंगल नीच का होने जातक का बैवाहिक जीवन तो ठीक से ब्यतीत होने लगता है लेकिन उसको माता का सुख नहीं मिल पता है जातक का कर्मेश का घर भी पीड़ित रहता है जिससे वह दांपत्य का आनंद तो उठा लेता है लेकिन उसका कार्य छेत्र  बाधित हो जाता है | 
  • कुंडली में मंगल का सातवे घर में होने पर कुंडली मांगलिक मानी जाती है और यहाँ पर मंगल अपना गहरा असरछोड़ता है क्यूंकि इसे ही दांपत्य का घर मन जाता है इसके ख़राब रहने से जातक की कभी भी शादी नहीं हो सकती है,जातक की शादी यदि किसी शुभ गृह की दृष्टि पड़ने पर हो जाती है तो जातक का डाइवोर्स होने की सम्भावना बानी रहती है | 
  • कुंडली में मंगल का आठवे घर में होना भी मांगलिक दोष युक्त मन जाता है यहाँ पर मंगल अशुभ होने पर शारीरिक कष्ट बना रहता है और उसकी लाइफ बिगड़ी ही रहती है | 
  • बारहवे घर में मंगल यदि अशुभ है तो बहुत ही जयदा नुक्सान दायक है सबसे पहले तो जातक यह जान ले की 1 2 वे घर में मंगल के होने से जातक की पत्रिका मांगलिक दोष युक्त मानी जाती है लेकिन मंगल के अशुभ होने से जातक का पूरा परिवार दुःख कि चपेट में आ जाता है | इसे हानि का घर भी बताया जाता है |
जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ?
जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ? 

मांगलिक दोष का उपाय :

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में बनने हर तरह का दोष का उपाय है लेकिन इसके लिए जातक को इसको बिधि बिधान से संपन्न कर लेना चाहिए क्यूंकि यदि आपकी कुंडली में किसी भी प्रकार का दोष है तो आपको उसको दूर करवा लेना चाहिए अन्यथा आपका पूरा जीवन परेशानियों सी घिरा रहेगा | 

  • सर्वप्रथम यदि किसी जातक को मांगलिक दोष निवारण करना है तो उसको वैदिक विधि से उस गृह की शांति करवा लेनी चाहिए जिससे की उसके जीवन काल का अशुभ मंगल शांत हो और ाचा फलदायी हो सके | इसके बारे में आप हमसे उचित सलाह भी ले सकते हैं | 
  • मांगलिक दोष वाले ब्यक्ति या लड़की का बिवाह यदि नहीं हो रहा है तो उसका विवाह कुम्भ विवाह के जरिये कराकर इस दोष से मुक्ति पायी जा सकती है जिसमे शादी से पहले केले या पीपल के पेड़ या फिर सोने या चंडी की विष्णु की मूर्ति से विवाह कर लेना चाहिए इससे भी मांगलिक दोष का असर काम हो जाता है | 
  • मांगलिक दोष से धीरे धीरे मुक्ति पाने के लिए व्यक्ति को गद्दे पर नहीं सोना चाहिए | 
  • समय मिलने पर मीठी पूरिया बनाकर पहले गे को खिलाएं और फिर भिखारियों में बात दे | 
  • हनुनुमान जी की नित्य उपासना करे और हनुमान चालीसा का पाठ रोज़ करें इसके साथ मंगलवार का ब्रत करें  चूरमे के लड्डू का भोग लगाएं | 
  • हनुमान जी की प्रतिमा को घर मेंस्थापित कर उसकी सेवा इत्यादि करें जिनमे मंगलवार के दिन चमेली का तेल का लेप लगाकर सिन्दूर का लेप करें इससे भगवन खुश होते हैं |       

ज्योतिष शास्त्र कहता है की कुंडली में मांगलिक दोष होने पर जातक को परेशां होने की जरूरत नहीं है बस आपको जानने के बाद अच्छे ज्योतिषी से उसके उपाय के बारे में जानकारी लेकर उसका उपाय एक अच्छे समय में करवा लेना चाहिए | मांगलिक दोष का उपाय हो जाने से आपकी शादी तो होगी ही ,साथ में आपके करियर और ब्यापार भी खूब तेजी से चलने लगेगा क्यूंकि जहाँ आपका मंगल मजबूत हुआ फिर तो सब मंगल ही मंगल है | 

ज्योतिष विद्वान से अपनी पत्रिका जरूर बनवा लेनी चाहिए ताकि आपके जीवन के किस हिस्से में कमजोरी है यह आपको पता हो सके और इसके साथ में यदि मंगल के लिए कोई कवच या माला को भी हो सके तो जरूर धारण करें इससे आपका भाग्य बन जायेगा | 

मई यह उम्मीद करता हूँ की मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप स्पस्ट हो चुके है अब आपसमाझ चुके हैं कि जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ?और इसके उपाय क्या है?     

जय श्री राम |   






               

0 Response to "जन्म कुण्डली में मांगलिक दोष क्या है ? "

टिप्पणी पोस्ट करें

I have publish after wait some time